पाक: टिड्डों से किसानों को मिल रही मोटी कीमत

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टिड्डोंने मचा रखा है आतंकटिड्डोंने मचा रखा है आतंक

पंजाब
पाकिस्तान के कई प्रांतों में टिड्डों ने हमला बोल रखा है जिससे करोड़ों की फसल को नुकसान हो रहा है। ऐसे में यहां के ओकारा जिले में किसानों को इसका इलाज मिल गया है। किसान अब इन टिड्डों को पकड़ रहे हैं और फिर जानवरों को खिलाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। जानवरों का खाना तैयार करने वाली मिलों में इन टिड्डों को मुर्गी के खाने के लिए दानों में इस्तेमाल किया जाता है।
हर रात 20 हजार रुपये की कमाई
इसके पीछे पाकिस्तान की ऐग्रिकल्चरल रीसर्च काउंसिल के बायोटेक्नॉलजिस्ट जौहर अली और सिविल सर्वेंट मोहम्मद खुर्शीद की सोच थी। यमन में 2019 में लोगों ने भूखमरी से बचने के लिए ऐसा किया था जिससे इन्हें यह आइडिया मिला। टिड्डे बचाने के साथ लोगों को पैसे भी मिल रहे हैं और फसलें तो बच ही रही हैं। इस प्रॉजेक्ट के तहत किसानों से 20 रुपये किलो के हिसाब से टिड्डे खरीदे गए। हर रात करीब 7 टन टिड्डे पकड़े गए जिससे किसानों की हर रात 20 हजार पाकिस्तानी रुपये से ज्यादा की कमाई होने लगी।

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होता है ज्यादा प्रोटीन
इनसे बने दानों को चिकन को दिया गया। दरअसल, इनकी न्यूट्रिशनल वैल्यू काफी अच्छी होती है। इन्हें मछली, पोल्ट्री और डेरी को दिया जा सकता है। अभी प्रोटीन के लिए सोयाबीन का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें 45% प्रोटीन होता है जबकि टिड्डों में 70%। इन्हें खाने के लिए तैयार करने में भी ज्यादा खर्च नहीं करना होता क्योंकि इन्हें सिर्फ पकड़कर सुखाना होता है।

लगेगी बड़े चपत
सिंध आबादगर बोर्ड के वाइस प्रेजिडेंट महमूद नवाज शाह ने इसे लेकर दुख जताया है कि मई 2019 के बाद से इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान का 38% इलाका टिड्डों के बढ़ने के लिए अनुकूल है और मॉनसून के आने के साथ कृषि को कम से कम 500 बिलियन रुपये की मार पड़ सकती है। इससे पाकिस्तान में खाने की कमी हो सकती है। पाकिस्तान पहले ही चरमराई अर्थव्यवस्था का सामना कर रहा है और कोरोना की वजह से उसकी हालत और खस्ता हो गई है।

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