‘चाहे राजशाही हो या लोकतंत्र, मंदिर किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं होते’- सीएम स्टालिन

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन(फाइल फोटो)- India TV Hindi
Image Source : PTI तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन(फाइल फोटो)

तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन(MK Stalin) का मंदिरों को लेकर एक बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि मंदिर लोगों के लिए होते हैं और यह किसी की निजी संपत्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि राज्य हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR and CE) विभाग द्वारा सभी जातियों से ‘अर्चक’ (पुजारियों) की नियुक्ति सहित उठाए गए विभिन्न कल्याणकारी कदमों को समझ पाने में असमर्थ कुछ ताकतें निराधार आरोपों के साथ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK- द्रमुक) के नेतृत्व वाली सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। 

‘शासन कोई भी हो मंदिर केवल जनता के लिए होते’

सीएम स्टालिन चेन्नई एक प्रमुख मंदिर में 31 जोड़ों के सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए और विवाहित जोड़ों को ‘सीरवारीसाई’ (उपहार में दी जाने वाली वस्तुओं) को बांटा। सामूहिक विवाह कार्यक्रम यहां तिरुवनमियूर के अरुलमिगु मारुनथीश्वरार मंदिर में आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि चाहे ‘राजशाही’ हो या ‘लोकतंत्र’, मंदिर केवल लोगों के लिए होते हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल जनता के लिए हैं, चाहे किसी भी प्रकार का शासन हो। 

‘मंदिर किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं हैं’

सीएम ने कहा कि मंदिर किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं हैं। यह (एचआर एंड सीई) विभाग जस्टिस पार्टी के शासन के दौरान ही बनाया गया था। इस क्षेत्र में द्रमुक(DMK) के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दिवंगत एम करुणानिधि के नेतृत्व वाली पार्टी की पिछली सरकारों में कई मंदिरों की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। 

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