Umaria news : स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों की रसोई महिलाओं का धरना, पकाया भोजन, रात भर बैठी रहीं

उमरिया

उमरिया (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में रसोइया का काम करने वाली महिलाओं ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने यह महिलाएं अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर बैठी हैं। धरना स्थल पर ही महिलाओं द्वारा अपने लिए भोजन पकाया जा रहा है और यहीं रात बिताई जा रही है। ठंड के इस मौसम में धरने पर बैठी महिलाओं ने अपना ज्ञापन भी जिला प्रशासन को सौंप दिया है लेकिन अभी तक उनसे चर्चा करने के लिए कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

धरना स्थल पर बन रहा भोजनः ध

रना स्थल पर ही रसोईया महिलाएं अपना भोजन पका रही हैं। इसके लिए यहां पर ईंट जमा कर चूल्हा बना लिया गया है और यहीं सभी के लिए भोजन एक साथ बनाया जा रहा है। भोजन महिलाएं खुद बनाती हैं और धरने पर मौजूद सभी महिलाओं को परोसती हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश रसोईया संघ की जिला अध्यक्ष श्रीमती ममता पाल ने बताया कि हम लोगों ने धरना प्रदर्शन के पहले ही यह निर्णय ले लिया था कि चाहे जितना समय लग जाए हम धरने पर बैठेंगे तो भोजन वही बना कर खाएंगे। भोजन के लिए लोग इधर-उधर ना जाए इसलिए भोजन की व्यवस्था धरना स्थल पर ही की गई है।

यह है मांग :

धरने पर बैठी रसोइया महिलाओं ने बताया कि हमारी 6 सूत्री मांग है जिसमें सबसे पहली मांग है कि रसोइयों को मानदेय के रूप में 10 हजार रूपये हर महीने दिया जाए। रसोइयों को हर महीने मानदेय नहीं मिल पाता इसलिए यह भी तय किया जाए कि हर महीने की एक तारीख को वेतन मानदेय उन्हें दिया जाएगा। क्योंकि ज्यादा समय बीत जाने के बाद उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं के अंतर्गत समस्त रसोइयों को पेंशन सुनिश्चित किए जाने की मांग भी इस ज्ञापन में की गई है।

सरकारी दर्जे की मांगः

धरने पर बैठी महिलाओं ने सरकारी कर्मचारी के दर्जे की मांग ज्ञापन में की है, साथ ही यह मांग भी की गई है कि उन्हें सरकारी रसोइयों की तरह समस्त योजना का लाभ दिया जाए। पहले से प्राथमिक शाला में कार्य कर रही रसोईया को यथावत रखने की मांग भी इस ज्ञापन में की गई है। धरना प्रदर्शन के दौरान श्रीमती राजकुमारी पाल, श्रीमती विद्या सिंह, श्रीमती पार्वती, श्रीमती शांति श्रीमती कौशल्या, श्रीमती सीमा यादव, श्रीमती विमला बाई, मानवत्ति बाई, शांति बाई, सुमन बाई सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network