कोविड अस्पतालों में एक लाख कोविड बेड बनाने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी

अन्य राज्य

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कोविडि अस्पतालों में एक लाख कोविड बेड बनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 के नियंत्रण के लिए एल-1, एल-2 और एल-3 अस्पतालों मई माह के अंत तक बेड की कुल संख्या एक लाख तक किए जाने का निर्देश दिया था.

मरीजों को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
प्रदेश के हर 75 जिले में लेवल-1और लेवल- 2 के अस्पताल पूरी तरह तैयार हैं. जबकि प्रदेश में लेवल-3 के भी 25 अस्पताल बन गए हैं. कोरोना के सामान्य मरीजों को लेवल-1 और लेवल-2 के अस्पताल में रखा जाएगा जबकि कोरोना के अतिगंभीर मरीजों को लेवल-3 के अस्पताल में भर्ती किया जाएगा. लेवल-1 व 2 के अस्पतालों में सामान्य बेड के अलावा ऑक्सीजन और कुछ में वेंटिलेटर की व्यवस्था रहेगी. वहीं लेवल-3 के अस्पतालों में वेंटिलेटर, आईसीयू और डायलसिस की व्यवस्थाओं समेत गंभीर मरीजों के लिए हर तरह की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.

गौतम बुद्ध नगर में और बढ़ी सख्ती, कोरोना केस आने पर अब फिर से सील होगी सोसायटी

मई में ही बेड बनाने के दिए थे आदेश
टीम-11 की बैठक में सीएम योगी दूसरे राज्यों से आए कामगारों व श्रमिकों के स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा भी रोजाना कर रहे हैं. कोरोना से डट कर मुकाबले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के सारे संसाधन लगाने के आदेश भी उन्होंने दिए हैं. 

20 जून तक 20 हजार प्रतिदिन टेस्ट का लक्ष्य
सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में प्रतिदिन दस हजार जांचें हों. 15 जून तक 15000 प्रतिदिन, 20 जून तक 20 हजार प्रतिदिन जांच का लक्ष्य उन्होंने अफसरों को दिया है. तेजी से जांच हों इसके लिए प्रदेश में हर जनपद में टेस्टिंग लैब स्थापित करने के निर्देश सीएम ने दिए हैं. कोरोना के पहले केस के वक्त अकेले केजीएमयू में सिर्फ 50 टेस्ट की व्यवस्था. अब 30 टेस्टिंग लैब हैं. 

यूपी: खालिस्तानी आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर भारत के खिलाफ चला रहा था कैंपेन

पहले ये थी व्यवस्था
कोरोना के पहले केस के वक्त यूपी के 36 जनपदों में वेंटिलेटर नहीं थे. जिसके बाद सीएम के निर्देश पर हर जनपद में पर्याप्त वेंटिलेटर के आदेश बने. लॉकडाउन के दौरान नोएडा में वेंटिलेटर निर्माण की यूनिट भी शुरू की गई. महंगे वेंटिलेटर खरीदने के बजाय योगी सरकार ने बेहद सस्ते और पोर्टेबल वेंटिलेटर खुद ही बनवाए. इनकी डेढ़ से 2 लाख रुपये थी.

Source