इन्फोसिस के CEO सलील पारेख की सैलरी में 27 % का इजाफा, मिले 45 करोड़ से ज्यादा

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नई दिल्ली
एक तरफ कोरोना संकट काल में लोगों की नौकरी जा रही है, दूसरी तरफ इन्फोसिस के सीईओ सलील पारेख की सैलरी में 27 फीसदी का इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2019-20 में सलील को कॉम्पेंसेशन के रूप में 6.1 मिलियन डॉलर ( करीब 45 करोड़ रुपये) मिला है। उससे पिछले वित्त वर्ष (2018-19) में उन्हें कुल 4.8 मिलियन डॉलर का कॉम्पेंसेशन मिला था। नंदन नीलेकणि ने सैलरी नहीं ली
उन्हें मिलने वाले कॉम्पेंसेशन में सैलरी, बोनस/इन्सेंटिव और RSU (restricted stock unit) शामिल है। कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने स्वेच्छा से इस साल कोई सैलरी नहीं ली। कंपनी के COO ( चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर) यूबी प्रवीण राव को मिलने वाले कॉम्पेंसेशन में 29 फीसदी का इजाफा हुआ है और यह 2.2 मिलियन डॉलर रहा। मोहित जोशी की सैलरी में 25 फीसदी इजाफा
इसके अलावा कंपनी के दो प्रेसिडेंट रवि कुमार और मोहित जोशी की सैलरी में 25 फीसदी और 24.6 फीसदी का इजाफा हुआ है। रवि कुमार को कुल 3 मिलियन डॉलर और मोहित जोशी को 3.2 मिलियन डॉलर मिला। 98 फीसदी कर्मचारी घर से काम
बता दें कि कोरोना संकट के कारण कंपनी के 98 फीसदी कर्मचारी घर से काम कर रहे है। 31 मार्च तक के डेटा के मुताबिक, अमेरिका में 50 फीसदी से कम कर्मचारी जो काम कर रहे हैं, उनके पास H-1B, L-1 वीजा है। SEC फाइलिंग में जानकारी
अमेरिकन सिक्यॉरिटीज ऐंड एक्सचेंज कमिशन (SEC) की फाइलिंग में कंपनी की तरफ से कहा गया है कि कोरोना संकट के कारण कंपनी के सामने कई सारी चुनौतियां हैं। हम अपने क्लाइंट के काम समय पर पूरा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसमें कई सारी परेशानियां हैं। घर से काम होने के कारण कई बार क्लाइंट की तरफ से सुरक्षा कारणों से सूचना शेयर करने में जरूरत से ज्यादा समय लग जाता है। क्लाइंट की वित्तीय हालत का भी होगा असर
इसके अलावा अगर किसी भी क्लाइंट की वित्तीय हालत खराब होती है, या वह बैंक्रप्ट के लिए जाता है तो उसका असर कंपनी के वित्तीय हालत पर भी होगा। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि घर से काम करने के कारण क्वॉलिटी में कमी, प्रोजेक्ट में देरी, प्रॉडक्टिविटी जैसे कारणों से क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट को खत्म कर दे या उसे घटा दिया जाए। ऐसे में कंपनी के सामने चुनौती बढ़ जाएगी।

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