WIPRO के संस्‍थापक अजीम प्रेमजी और बेटे ने अपना कमिशन छोड़ा, CEO को बढ़ाकर द‍िया पैसा

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नई दिल्‍ली
भारत के दिग्‍गज कारोबारी अजीम प्रेमजी ने WIPRO के 2020 में हुए प्रॉफिट का अपना कमिशन छोड़ दिया है। उनके बेटे और कंपनी के चेयरमैन रिशद का भी यही फैसला है। दोनों 2020 में सैलरी का वैरिएबल कम्‍पनसेशन भी नहीं लेंगे। ये फैसला कोरोना वायरस की वजह से पस्‍त बिजनेस कम्‍युनिटी के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए किया गया है। कंपनी ने अमेरिका सिक्‍योरिटीज एंड एक्‍सचेंज कमिशन (SEC) के सामने 20F फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। रिशद की टेकहोम सैलरी घटी, CEO की बढ़ीप्रेमजी पिता-पुत्र के इस फैसले का असर रिशद की सैलरी पर दिखा। उनका टोटल कम्‍पनसेशन 31% घटकर 6.83 लाख डॉलर पर आ गया। अजीम प्रेमजी को 1 अप्रैल-31 जुलाई 2019 के बीच की रकम मिलनी थी। जुलाई में ही उन्‍होंने चेयरमैन पद छोड़ा था। इस साल कंपनी के चीफ एक्‍जीक्‍यूटिव ऑफिसर (CEO) आबिदअली नीमचवाला की सैलरी 12% बढ़ गई। उन्‍हें 4.42 मिलियन डॉलर मिले। इसी दौरान Infosys के सीईओ को 6.15 मिलियन डॉलर का पैकेज मिलाा। नीमचवाला ने 31 जनवरी को रिजाइन कर दिया था और 1 जून को उनका लास्‍ट वर्किंग डे रहा। उनकी जगह अब थियेरी डेलापोर्ट नए CEO होंगे। कोरोना वायरस पर मदद का हाथ बढ़ा चुके हैं प्रेमजीWIPRO के संस्‍थापक अजीम प्रेमजी अपनी चैरिटी के लिए जाने जाते हैं। उनकी कंपनी और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने मिलकर एक हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा रकम कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए दी है। यह रकम विप्रो की सालाना सीएएसआर राशि से अलग है और साथ ही अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के परोपकार पर खर्च के इतर है। इसे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के 1600 एम्प्लॉयीज की टीम द्वारा लागू किया जाएगा। पिछले साल बने थे ‘एशिया के सबसे बड़े दानवीर’अजीम प्रेमजी को पिछले साल फोर्ब्‍स ने एशिया के 30 सबसे बड़े दानवीरों की सूची में सबसे आगे रखा था। 5 दशक के लंबे करियर के बाद विप्रो के एग्जिक्युटिव चेयरमैन पद से जुलाई 2019 में रिटायर हुए प्रेमजी ने कहा था कि अब वह परोपकार पर ही फोकस करेंगे। उन्हें अनौपचारिक रूप से भारतीय आईटी उद्योग बादशाह भी कहा जाता है। अक्टूबर 2019 में वह 7.2 बिलियन डॉलर की अनुमानित संपत्ति के साथ भारत में दसवें सबसे अमीर व्यक्ति थे। वर्ष 2013 में, उन्होंने द गिविंग प्लेज पर हस्ताक्षर करके अपने धन का कम से कम आधा हिस्सा देने पर सहमति जताई थी।

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