बागवानी फसलों का दूसरा अग्रिम अनुमान

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नयी दिल्ली, दो जून (भाषा) देश के बागवानी फसलों के उत्पादन में वर्ष 2019-20 के दौरान पिछले वित्तवर्ष की तुलना में 3.13 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार मंत्रालय के दूसरे अनुमान के अनुसार 2018-19 की तुलना में 2019-20 के दौरान बागवानी फसलों का उत्पादन 3.13 प्रतिशत अधिक रहेगा। बयान में कहा गया है कि पिछले साल की तुलना में सब्जियों, फलों, सुगंधित (एरोमैटिक्स) और औषधीय पौधों तथा फूलों के उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, जबकि बागवानी फसलों और मसालों के उत्पादन में कमी दर्ज की गई। विभिन्न बागवानी फसलों के लिए वर्ष 2019-20 का दूसरा अग्रिम अनुमान कृषि, सहकारिता एवं किसान कल्याण विभाग ने जारी किए हैं। ये अनुमान राज्यों और अन्य स्रोत एजेंसियों से मिली जानकारियों पर आधारित हैं। बयान के अनुसार, फलों का उत्पादन नौ करोड़ 90.7 लाख टन रहने का अनुमान है, जो वर्ष 2018-19 में नौ करोड़ 79.7 लाख टन का हुआ था। इसकी मुख्य वजह केला, सेब, साइट्रस (खट्टे फलों) और तरबूज के उत्पादन में बढ़ोतरी का होना है। वर्ष 2019-20 में सब्जियों का उत्पादन 19 करोड़ 17.7 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2018-19 में यह उत्पादन 18 करोड़ 31.7 लाख टन का हुआ था। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह प्याज, टमाटर, ओकरा, मटर, आलू आदि के उत्पादन में बढ़ोतरी रही है। बयान में कहा गया है कि वर्ष 2019-20 में प्याज उत्पादन दो करोड़ 67.4 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2018-19 में यह उत्पादन दो करोड़ 28.2 लाख टन था। समीक्षाधीन अवधि में टमाटर का उत्पादन 8.2 प्रतिशत बढ़कर दो करोड़ 5.7 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि वर्ष 2018-19 में यह उत्पादन एक करोड़ 90.1 लाख टन था।

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